Hindi Jagat MaMa -जगत मामा

क्या देकर क्या ले गया 2016 – बॉलीवुड और सिनेमा का क्या नुकसान

सबको आपके जगत मामा का नमस्कार – इस बार हम आपको कुछ जरुरी जानकारी देत हैं.

देखिये साल 2016 हर किसी को किसी ना किसी और कई कारणों से याद रहेगा. कुछ अच्छे, तो कुछ बहुत ही बुरे हालात हमने इस साल देखे. लेकिन इस साल घटनाओं के साथ-साथ हमने कई  बॉलीवुड हस्तियों को खोया. सिर्फ़ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के कई ऐसे सेलेब्स थे, जो 2016 में हमारा साथ छोड़ गए. लेकिन उनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा रहेंगी.

1)- रज़्ज़ाक ख़ान – Razak Khan

celebs died in 2016

अपनी कॉमेडी से दर्शकों को गुदगुदाने वाले रज़्ज़ाक ख़ान का निधन 1 जून 2016 हुआ. कभी खलनायक तो कभी कॉमेडियन के रूप में उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया. थिएटर से ख़ासा लगाव होने के कारण काफ़ी चुनिंदा फ़िल्में ही रज़्ज़ाक खान ने की. लेकिन उनका हर किरदार आज भी उनके फ़ैन्स के ज़हन में ज़िंदा है. फिर वो फय्याज़ टक्कर हो या फिर बाबू बिसलेरी. कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल मैं आपने रजाक खान को गोल्डन भाई के अवतार मैं देखा हैं

2)- सुरेश चटवाल

इनका नाम सुन कर ना सही पर इनकी शक्ल देख कर आप इनको पहचान जायेंगे. फ़िल्में हो या स सीरियल्स, इस एक्टर को भूल पाना काफ़ी मुश्किल है. 80 के दशक में इन्होंने कई बॉलीवुड फ़िल्मों में बड़े-बड़े एक्टर्स के साथ काम किया. लेकिन इस साल की 30 मई को उनकी मृत्यु हो गई और छोटे बड़े का एक बड़ा किरदार हमेशा के लिए हमसे विदा ले गया. सब टीवी के FIR से इनकी पहचान मैं इजाफा हुआ.

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3)- राजेश विवेक

31 जनवरी 2016 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा. उस वक़्त उनकी उम्र 66 साल ही थी. इन्हें आप लगान के गुरन के रूप में ज़्यादा अच्छे से पहचानते होंगे. अपने शानदार अभिनय से कई फ़िल्मों के किरदारों को जीवंत करने वाले राजेश हमें साल के शुरुआत में ही छोड़ कर चले गए. उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था. अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए. फ़िल्म के साथ-साथ उनका जुड़ाव छोटे पर्दे और थिएटर से भी रहा. जौनपुर में जन्में राजेश का जीवन काफ़ी सादा था. मीडिया से थोड़ी दूरी बना के रखने के बावजूद उन्हें जानने वाले उनके मजाकिया स्वभाव के बारे में अकसर बातें किया करते हैं.

4)- सुलभा देशपांडे

इस साल 4 जून को एक दुखद ख़बर ने सब की आंखे नम कर दीं. सुलभा हम सब को छोड़ कर जा चुकीं थीं. हिन्दी और मराठी सीरियल्स में इनका कोई विकल्प नहीं है. सुलभा देशपांडे को छोटे स्क्रीन की सबसे यादगार मां बोला जाए तो गलत नहीं होगा. सुलभा देशपांडे ने कई फ़िल्मों में भी किरदार निभाए.  79 साल की उम्र में उनका निधन हो गया और हमने इस साल एक और बेहतरीन अदाकारा को खो दिया.

5)- प्रत्युषा बनर्जी

इस अदाकारा की मौत ने हर किसी को झंझोर कर रख दिया था. किसी ने इसे हत्या कहा और किसी ने आत्महत्या. टीवी की इस फ़ेमस अदाकारा ने 1 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी और इससे ग्लैमर की दुनिया का काला सच सामना आया. जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली इस अदाकार आत्महत्या क्यों की, इसका जवाब आज भी हमें नहीं मिल पाया है.

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6)- मुकेश रावल

मुकेश रावल को लोग रामायण के विभिषण के रूप में बेहतर पहचानते थे. इनकी मौत किसी अनसुलझी पहेली से कम नहीं. कांदीवली स्टेशन के पास नवंबर में इनकी लाश पुलिस को मिली थी. लेकिन पुलिस ये पता लगाने में नाकाम रही थी कि ये आत्महत्या थी या फिर दुर्घटना. कई टीवी धारावाहिकों में उन्होंने काम किया. छोटी स्क्रीन का जानामाना चेहरा मुकेश रावल, इस तरह से दुनिया छोड़ कर जाएंगे किसी ने नहीं सोचा था.

7)- जयललिता

हाल ही में एक ख़बर ने पूरे देश की राजनीति को हिला कर रख दिया. तमिलनाड़ू की मुख्यमंत्री और पूरे राज्य और देश में अम्मा के नाम से प्रसिद्ध, जयललिता ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. वो लम्बे समय से बीमार थीं. लेकिन उनका निधन हर किसी के लिए झटके से कम नहीं था. 5 दिसंबर की शाम डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और पूरा देश शोक में डूब गया. यह खबर उनके चाहने वालो के लिए किसी अचानक आई सुनामी से कम नहीं थी.

8)- मुफ़्ति मोहम्मद सईद

देश के पूर्व गृह मंत्री और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ति मोहम्मद सईद की मृत्यु भी इसी साल हुई. 7 जनवरी को उन्होंने अपनी आखरी सांसे लीं. एक कुशल राजनीतिज्ञ रहे सईद साहब के साथ कई कॉन्ट्रोवर्सिज़ भी जुड़ी थीं. लेकिन उनके विरोधी आज भी उन्हें बेहतरीन नेता मानने में हिचकिचाते नहीं हैं.

9)- अनुपम मिश्रा

इस साल न सिर्फ़ हमने बॉलीवुड या टीवी एक्टर्स के अलावा कुछ बेहद शानदार लोगों को भी खोया है. जो हमारे देश की उन सच्चाई से अपनी लेखनी से अवगत करवाते थे. ऐसे ही एक लेखक थे अनुपम मिश्रा. इनकी लेखनी में गांधीवाद था. अनुपम पर्यावरण की सुरक्षा को ले कर उन्होंने कई लेख और किताबें लिखीं. इतना ही नहीं, उन्होंने उत्तराखंड और राजस्थान की खोती परंपराओं को जीवित करने के भी कई प्रयास किए और काफ़ी हद तक सफ़ल भी रहे. लेकिन ये साल जाते-जाते इन्हें भी हमसे छीन कर ले गया. दिसंबर के महीने में उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया.

10) मुहम्मद अली

सबसे आखरी पर सबसे भारी, 17 जनवरी 1942 को जन्में इस बॉक्सर को हराना हर विरोधी का सपना हुआ करता था. अपने फ़ुटवर्क और तेज़ मुक्के से दम निकाल देने वाले इस बॉक्सर को दुनिया का सबसे बेहतरीन मुक्केबाज़ कहा जाता है. लेकिन इस साल 3 जून को उन्होंने ने भी हमसे विदा ले ली.

भगवान् इन सब की आत्मा को शांति प्रदान करे.

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